भारतीय पुलिस सेवा – IPS

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IPS ( INDIAN POLICE SERVICE ) अर्थात भारतीय पुलिस सेवा जो भारत सरकार की एक प्रमुख अखिल भारतीय सेवा है. यह अपराधों की जांच, सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और देश की संप्रभुता – अखंडता की रक्षा के लिए कार्य करती है.

आईपीएस ( IPS ) अधिकारी पुलिस बलों का नेतृत्व करते हैं और विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते हैं, जैसे कि, कानून-व्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा, और आपदा प्रबंधन.

आईपीएस को पहले इंपीरियल पुलिस के नाम से ही जाना जाता था. इंपीरियल पुलिस पर अंग्रेजों का प्रभुत्व था, और स्वतंत्रता के बाद, भारतीयों को इस सेवा में प्रवेश करने की अनुमति देने के लिए कुछ नियम लागू हुए. इंपीरियल पुलिस शब्द साल 1948 में भारतीय पुलिस सेवा में बदल गया.

भारत के पहले IPS अधिकारी सी.वी. नरसिम्हन थे, जिन्होंने 1937 में ब्रिटिश शासन के तहत भारतीय सिविल सेवा ज्वाइन की थी. हालांकि, भारतकी पहली महिला आई.पी.एस. अधिकारी किरण बेदी थीं, जो 1972 में सेवा में शामिल हुईं थी.

किरण बेदी एक पूर्व आईपीएस अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और टेनिस खिलाड़ी हैं. उन्होंने 35 साल से अधिक समय तक विभिन्न पदों पर काम किया, जिनमें तिहाड़ जेल की महा निरीक्षक और संयुक्त राष्ट्र में पुलिस सलाहकार शामिल हैं. सेवानिवृत्ति के बाद, वह 2016 से 2021 तक पुडुचेरी की उपराज्यपाल भी रहीं.

( IPS ) पुलिस अधिकारी का कार्य :

आई.पी.एस. अधिकारी अपराधों की जांच करते हैं, कानून और व्यवस्था बनाए रखते हैं, वीआईपी सुरक्षा प्रदान करते हैं, और आपदा प्रबंधन में भी मदद करते हैं. भारतीय पुलिस सेवा का गठन सन 1948 में किया गया था और इसका नियमन वर्तमान में गृह मंत्रालय करता है.

आई.पी.एस. अधिकारी बनने के लिए उम्मीदवारों को अत्यधिक प्रतिस्पर्धी सिविल सेवा परीक्षा (UPSC द्वारा आयोजित) उत्तीर्ण करनी होती है. चयनित उम्मीदवारों को मसूरी और हैदराबाद में कठोर प्रशिक्षण से गुजरना पड़ता है. आईपीएस अधिकारी अपने करियर की शुरुआत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) जैसे पदों से करते हैं और अनुभव के साथ उच्च पदों पर पदोन्नत होते हैं, जैसे कि पुलिस महा निदेशक (DGP), जो किसी भी पुलिस राज्य के सर्वोच्च अधिकारी होते हैं.

भारत के पहले IPS अधिकारी सी. वी. नरसिम्हन थे, जो अपनी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाने जाते थे. उनका पूरा नाम चक्रवर्ती विजयराघव नरसिम्हन था. उनका जन्म : 21 मई, 1915 के दिन मद्रास (अब चेन्नई) में हुआ था. उन्होंने सेंट जोसेफ कॉलेज, तिरुचिरापल्ली और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से शिक्षा ग्रहणकी थी.

1937 में आईसीएस में शामिल हुए और 1948 में आईपीएस उम्मीदवारों की श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त किया.

ब्रिटिश सरकार ने उन्हें सन 1946 में ‘ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर’ से सम्मानित किया था.

भारत में कुल IPS :

तारीख : 1 जनवरी, 2024 तक, भारत में 5,055 स्वीकृत पदों के मुकाबले 4,469 आईपीएस अधिकारी कार्यरत थे. इन 4,469 अधिकारियों में से, 586 पद खाली थे, जिनमें से 209 सीधी भर्ती और 377 पदोन्नति के माध्यम से भरे जाने थे.

IAS और IPS के बीच मुख्य अंतर :

इसका मुख्य अंतर जिम्मेदारियों में है. IAS (भारतीय प्रशासनिक सेवा) समग्र प्रशासन और नीति कार्यान्वयन के लिए कार्य करता है, जबकि IPS ( भारतीय पुलिस सेवा ) कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार होता है.आईएएस अधिकारी जिले का समग्र प्रशासन देखते हैं, जबकि IPS अधिकारी पुलिस विभाग के अधिकारी होते हैं, और कई मामलों में उन्हें IAS अधिकारीके अनुमोदन की आवश्यकता होती है.

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