मंगोल का सर्वोच्च शासक चंगेज खान.

Genghis Khan

” चंगेज खान” एक मंगोल शासक था , जिन्होंने 13वीं शताब्दी में मंगोल साम्राज्य की स्थापना की और उसे विश्व के सबसे बड़े साम्राज्यों में से एक बनाया. उनका जन्म 1162 ईस्वी में मंगोलिया में हुआ था, उनका असली नाम तेमुजिन था.

चंगेज खान ने अपने जीवनकाल में कई लड़ाइयाँ लड़ीं और पूर्वोत्तर एशिया के कई जनजातियों को एकजुट किया. उन्होंने मंगोल साम्राज्य की स्थापना के बाद कई क्षेत्रों पर विजय प्राप्त की, जिनमें चीन, मध्य एशिया, और पूर्वी यूरोप शामिल थे.

तेमुजिन का अर्थ होता है “लोहे का” या “लोहार”. उसे “चंगेज खान” का सम्मानजनक नाम 1206 तक नहीं मिला, जब उसे “कुरुलताई” नामक एक जनजातीय सभा में मंगोलों का नेता घोषित किया गया. हालाँकि “खान” एक पारंपरिक उपाधि है जिसका अर्थ “नेता” या “शासक” होता है,कई इतिहासकार अभी भी “चंगेज” की उत्पत्ति के बारे में अनिश्चित हैं. इसका अर्थ “सागर” या “न्यायप्रिय” हो सकता है, लेकिन संदर्भ में, इसका अनुवाद आमतौर पर “सर्वोच्च शासक” या “सार्वभौमिक शासक” के रूप में किया जाता है.

चंगेज खान के पिताजी का नाम

येसुगेई और उनकी माता जी का नाम हो’एलुन था. चंगेज खान ने अपने जीवनकाल में कई लड़ाइयाँ लड़ीं और अपने साम्राज्य का विस्तार किया. उन्होंने चीन, मध्य एशिया, और पूर्वी यूरोप के कई क्षेत्रों पर विजय प्राप्त की थी. चंगेज खान ने अपने साम्राज्य में कई प्रशासनिक सुधार किए. उन्होंने एक मजबूत कानून प्रणाली स्थापित की, जिसे यासा कहा जाता है, और व्यापार को बढ़ावा दिया.

चंगेज खान की विरासत आज भी मंगोलिया और दुनिया भर में महत्वपूर्ण है. उन्हें मंगोलिया के संस्थापक पिता के रूप में जाना जाता है, और उनकी विजय और प्रशासनिक सुधारों ने विश्व इतिहास पर एक गहरा प्रभाव डाला है.

चंगेज खान का नाम उनके एक प्रतिद्वंद्वी सरदार के नाम पर रखा गया था, जिसे उनके पिताने पकड़ लिया था. तेमुजिन, जिसका अनुवाद ‘लोहार’ होता है. 1178 में, जब तेमुजिन सोलह साल के थे, उन्होंने बोर्ते से शादी की, जो एक मित्रवत पड़ोसी जनजाति से थी. बोर्टे ने तेमुजिन को चार बेटे और कम से कम छह बेटियाँ दीं.

साल 1206 तक तेमुजिन मंगोल मैदानों का एकमात्र शासक बन गया था

कई वर्षों की लड़ाई के बाद, तेमुजिन मैदानी इलाकों में रहने वाली विभिन्न स्टेपी जनजातियों को एकजुट करने में कामयाब रहा. इस गठबंधन को मंगोलों के नामसे जाना गया और तभी तेमुजिन को “चंगेज खान” की उपाधि दी गई, जिसका अर्थ है ‘सार्वभौमिक शासक’.

13वीं शताब्दी में मंगोलों का एक युद्ध :

चंगेज का पहला लक्ष्य चीन था.

उन्होंने सबसे पहले 1209 में पड़ोसी पश्चिमी ज़िया साम्राज्यको अपने अधीन किया, उसके बाद उन्होंने बहुत बड़े जिन राजवंश पर युद्ध की घोषणा की, जो उस समय उत्तरी चीन और मंचूरिया के अधिकांश भाग पर नियंत्रण रखता था. जहाँ उन्होंने शायद अपनी सबसे बड़ी जीत हासिल की.

1211 में येहुलिंग के युद्ध में चंगेज और उसके मंगोल सैनिकों ने ज़बरदस्त जीत हासिल की और हज़ारों जिन सैनिकों को मार गिराया. पूरी जिन सेना नष्ट हो गई, जिससे चंगेज राजवंश पर कब्ज़ा करने का रास्ता साफ़ हो गया.

चार साल बाद, 1215 में, चंगेज ने जिन की राजधानी झोंगडू (आधुनिक बीजिंग) पर घेरा डाला, कब्जा किया और लूटपाट की.

चीन चंगेज के लिए बस शुरुआत थी.जिन राजवंश को पराजित करने के बाद, चंगेज ने वर्तमान तुर्कमेनिस्तान, उज्बेकिस्तान, अफगानिस्तान और ईरान में ख्वारज़्मीद साम्राज्य के साथ युद्ध किया.

चंगेज की 500 से अधिक पत्नियाँ थीं. उनसे उसके कई बच्चे हुए. हालाँकि बोर्टे चंगेज की जीवनसंगिनी बनी रही और केवल उसके बेटों को ही उसका वैध उत्तराधिकारी माना गया.

1227 में अपनी मृत्यु के समय चंगेज ने एक दुर्जेय साम्राज्य छोड़ा

यह कैस्पियन सागर से जापान सागर तक फैला था – लगभग 13,500,000 वर्ग किलोमीटर. हालाँकि, यह तो बस शुरुआत थी. मंगोल साम्राज्य इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा साम्राज्य बन गया

चंगेज के उत्तराधिकारियों के अधीन मंगोल साम्राज्य का विस्तार जारी रहा.

1279 में अपने चरम पर, यह जापान सागर से लेकर पूर्वी हंगरी तक फैला हुआ था, और दुनिया के 16% हिस्से पर फैला हुआ था. यह दुनिया के अब तक के सबसे बड़े साम्राज्यों में से एक है, जो आकार में ब्रिटिश साम्राज्य के बाद दूसरे स्थान पर है.

कहा जाता है कि चंगेज खान ने एक बार एक ही घंटे में 1,748,000 लोगों की हत्या की थी. चंगेज खान ने निस्संदेह काफी लोगों को मारा, यह असंभव है कि उसने – या किसी और ने इतने कम समय में (कम से कम बम गिराए बिना) इतनी जानें ली हों. खान को एक घंटे में इतने लोगों को मारने के लिए, उसे प्रति मिनट 29,133 जानें लेनी पड़तीं.

हालाँकि यह संभव नहीं है, लेकिन इस किंवदंती के पीछे दिलचस्प कहानी है. कुछ अनुमानों के अनुसार, उसके अभियानों के कारण दुनिया की आबादी का एक बड़ा हिस्सा, संभवतः 4 करोड़ लोग मारे गए, जिससे वैश्विक जनसंख्या में भारी कमी आई. ( समाप्त )

About पत्रकार : सदाशिव माछी -"शिव सर्जन"

View all posts by पत्रकार : सदाशिव माछी -"शिव सर्जन" →