किरण बेदी भूतपूर्व आई.पी.एस. अधिकारी हैं, जो ई. सन 1972 में भारतीय पुलिस सेवा में शामिल होने वाली भारत की पहली महिला बनीं थी. उन्होंने 35 वर्षों से अधिक सेवा करने के बाद 2007 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी. उन्हें तिहाड़ जेल में सुधारों के लिए भी जाना जाता है. वह 2003 में संयुक्त राष्ट्र पुलिस की प्रमुख बनीं और 2016 से 2021 तक पुडुचेरी की उपराज्यपाल रहीं.
1972 में भारतीय पुलिस सेवा में शामिल होने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं थी. 1993 में तिहाड़ जेल की महानिरीक्षक (आईजी) के रूप में, उन्होंने जेल में कई सुधार लागू किए, जिसके लिए उन्हें ई. सन 1994 में रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से नवाजा गया.
सन 2003 में, वह संयुक्त राष्ट्र पुलिस सलाहकार के रूप में नियुक्त होने वाली पहली भारतीय और पहली महिला बनीं. वह पुलिस अनुसंधान और विकास ब्यूरो की महानिदेशक रहीं थी.
सेवानिवृत्ति के बाद में उन्होंने इंडिया विजन फाउंडेशन नामक एक संस्था की स्थापना की.
सन 2011 के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन की प्रमुख नेताओं में से एक थीं और 2015 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुईं. बाद 2016 से 2021 तक पुडुचेरी की उपराज्यपाल के रूप में कार्य किया. 2008-2009 में उन्होंने “आप की कचहरी” नामक एक टीवी शो की मेजबानी की.
साल 1982 में दिल्ली एशियन गेम्स के दौरान दिल्ली ट्रैफिक की जिम्मेदारी किरण बेदी को सौंपी गई थी. डीसीपी रहते हुए किरण बेदी ने इंदिरा गांधी की कार का चालान काटा था.
वास्तव में डीसीपी रैंक का अधिकारी किसी का चालान नहीं काटता. न ही कोई किसी गाड़ी को टो (अवैध पार्किंग में खड़ी गाड़ी को उठवा लेना) करता है. किरण बेदी की किताब आई डेयर में भी इस बात को लिखा गया है. उस वक्त दिल्ली पुलिस सब-इंस्पेक्टर ने वो गाड़ी उठवाई थी लेकिन किरण बेदी ने उसका समर्थन किया था. इसी कारण किरण बेदी का नाम इससे जोड़ा जाता है.
तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यालय की एक एम्बेसडर कार गलत जगह पर पार्क कर दी गई थी और सब-इंस्पेक्टर निर्मल सिंह ने उसे हटवा लिया था. उस समय श्रीमती गांधी विदेश में थीं. जब यह बात फैली, तो ट्रैफिक प्रभारी के रूप में किरण बेदी को इंदिरा गांधी को चुनौती देने वाली पुलिस अधिकारी के रूप में जाना जाने लगा और जल्द ही उन्हें “क्रेन बेदी” उपनाम मिल गया.
देश की पहली महिला IPS अधिकारी किरण बेदी का जन्म 9 जून, 1949 को अमृतसर पंजाब में हुआ था. वे प्रकाश पेशावरिया और प्रेम पेशावरिया की चार बेटियों में से दूसरे नंबर की हैं. उनकी तीन बहनें हैं जिनमें से शशि कनाडा में रहती हैं और एक कलाकार हैं. दूसरी बहन रीता क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट और लेखक है जबकि तीसरी बहन अनु एक वकील हैं.
मई 1993 में उन्हें दिल्ली जेल की महानिरीक्षक (आईजी) नियुक्त किया गया. तिहाड़ जेल में उनके सुधारात्मक कार्यों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई. वह संयुक्त राष्ट्र में पुलिस सलाहकार नियुक्त होने वाली पहली भारतीय महिला बनीं.
2007 में उन्होंने सेवा से इस्तीफ़ा दिया और सामाजिक कार्य तथा लेखन पर ध्यान केंद्रित किया. इस दौरान उन्होंने कई किताबें लिखीं और इंडिया विज़न फाउंडेशन की स्थापना की. ई. सन 2008 से लेकर 2011 तक उन्होंने टेलीविज़न कार्यक्रम आप की कचहरी का संचालन किया.
वह 2011 के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन की प्रमुख नेताओं में से एक थीं. जनवरी 2015 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की और दिल्ली विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार रहीं. इसके बाद 22 मई 2016 को उन्हें पुडुचेरी का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया.
किरण बेदी का प्रमुख पद पर कार्य :
*** दिल्ली यातायात पुलिस प्रमुख
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्युरो.
*** डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल ऑफ
पुलीस, मिजोरम.
*** इंस्पेक्टर जनरल ऑफ प्रिज़न,
तिहाड़ जेल.
*** स्पेशल सेक्रेटेरी टू लेफ्टीलेन्ट
गवर्नर , दिल्ली.
*** इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलीस,
चंडीगढ़.
*** जाइंट कमिश्नर ऑफ पुलीस ट्रेनीग.
*** स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलीस
इंटेलिजेन्स.
*** यू.एन. सिविलियन पुलीस
एड्वाइजर.
*** महानिदेशक, होम गार्ड और
नागरिक रक्षा.
**** महानिदेशक, पुलिस अनुसंधान
एवं विकास ब्यूरो.
( समाप्त )
