
फ़िल्मी अदाकार कन्हैयालाल चतुर्वेदी.
कन्हैयालाल का नाम नई पीढ़ी को पता नहीं होगा, मगर वें पचास, साठ व सत्तर के दशक के एक चरित्र अभिनेता थे. ” रील ” लाइफ में वें विलन का …
फ़िल्मी अदाकार कन्हैयालाल चतुर्वेदी. Read Moreमेरे अनुभव की दुनिया

कन्हैयालाल का नाम नई पीढ़ी को पता नहीं होगा, मगर वें पचास, साठ व सत्तर के दशक के एक चरित्र अभिनेता थे. ” रील ” लाइफ में वें विलन का …
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ग्राहक ( Customer) उसे कहते हैं जो कि क्रेता ( Buyer ) से एक दाम पर सामान खरीदता है. इसके भी दो प्रकार होते हैं : (1) व्यापार ग्राहक : …
ग्राहकों को सुरक्षा प्रदान करने वाला उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986. Read Moreसन 1962 का साल था. तब मिरा रोड और भाईंदर गांव अविकसित था. भाईंदर (पूर्व) में खारिगांव, बंदरवाड़ी, गोड़देव और नवघर छोटे छोटे गांव थे. भाईंदर (प ) में भाईंदर …
पुराने भाईन्दर क्षेत्र के समाज सेवक. Read More
वनमाला का नाम शायद ही आप लोगोंने सुना होगा. वह मराठी व हिंदी बाॅलीवुड फिल्मी इंडस्ट्रीज की पहली अभिनेत्री जो 20 साल का लंबा फिल्मी कैरियर छोड़कर संन्यासिनी बन गई …
अभिनेत्री से संन्यासी बनी वनमाला. Read More
आज मिरा भाईंदर शहर सर्वांगीण विकास की तरफ तेजीसे आगे बढ़ रहा है. कुछ महीनों में मेट्रो का आगमन हो जायेगा. पूर्व में दहिसर – भाईंदर – वसई विरार कॉरिडोर …
मिरा भाईंदर शहर यतीत से वर्तमान. Read More
हम सब को पता है कि महाकाव्य महाभारत के रचयिता महर्षि वेदव्यास है. मगर क्या आपको ये पता है कि महा काव्य महाभारत को महर्षि वेदव्यास ने लिखी नहीं थी, …
महाभारत – महाकाव्य महाभारत के भीतर की बातें. Read More
जिसका जन्म हुआ है, उसकी मौत निश्चित है. इसीलिए ” पृथ्वीलोक ” को ” मृत्युलोक ” भी कहा जाता है. मगर पौराणिक कथाओं के अनुसार सम्पूर्ण सृष्टि में ऐसे आठ …
मृत्युलोक के आठ चिरंजीवी व्यक्ति. Read More
वृंदा का मतलब तुलसी होता है, अर्थात वृंदावन मतलब तुलसी का वन होता है. ब्रह्म पुराण के अनुसार वृंदा राजा केदार की पुत्री थीं. उन्होंने इस वनस्थली में कठोर तप …
एक संत और ” वृन्दावन की चीटियाँ.” Read More
श्री कपिल शर्मा ने दस साल मे जो नाम और दाम कमाये ऐसी सिद्धि कम लोगोंको हासिल होती है. आज भारतीय फ़िल्म बॉलीवुड फ़िल्म इंडिस्ट्रीज मे ऐसा कोई अदाकार नहीं …
कॉमेडी किंग कपिल का हास्य मेला. Read More
एक दिन एक भिखारी रोड के किनारे भिक्षा मांग रहा था. वो मन ही मन सोचने लगा, ये कोई ज़िंदगी है ? सुबह से शाम तक कटोरा पकडे किसी से, …
दुनिया मे कितने लोग संतुष्ट है ? Read More