
दुर्गा माताका आठवा स्वरूप महागौरी.
नवरात्रि उत्सव का आठवां दिन जिसे अष्टमी कहा जाता है. देवी माता महागौरी को समर्पित है. नाम महागौरी दो शब्दों से बना है एक शब्द है “महा” जिसका अर्थ है …
दुर्गा माताका आठवा स्वरूप महागौरी. Read Moreमेरे अनुभव की दुनिया

नवरात्रि उत्सव का आठवां दिन जिसे अष्टमी कहा जाता है. देवी माता महागौरी को समर्पित है. नाम महागौरी दो शब्दों से बना है एक शब्द है “महा” जिसका अर्थ है …
दुर्गा माताका आठवा स्वरूप महागौरी. Read More
नवरात्रि की नव देवियोंमे देवी दुर्गा का सातवां स्वरूप माता कालरात्रि है. इनका रंग काला होने के कारण ही इन्हें कालरात्रि कहा जाता है. मां कालरात्रि ने असुरों के राजा …
दुर्गा माताका सातवा स्वरूप कालरात्रि. Read More
नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा अर्चना की जाती है. ऐसा कहा जाता है कि इनकी आराधना करने से साधक को अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष चारों फलों …
दुर्गा माताका छठा स्वरूप कात्यायनी. Read More
नवदुर्गा माता माँ का पांचवां स्वरूप स्कंदमाता का है. कार्तिकेय (स्कन्द) की माता होने के कारण इनको स्कन्दमाता कहा जाता है. यह माता चार भुजाधारी कमल के पुष्प पर बैठती …
दुर्गा माताका पांचवा स्वरूप स्कंदमाता. Read More
नवरात्रि त्योहार में नवदुर्गा की नौ रातें मनाई जाती है. माता कुष्मांडा जी की पूजा नवरात्रि त्योहार की चौथी रात मनाई जाती है. यह स्वास्थ्य में सुधार करने वाली तथा …
दुर्गा माताका चौथा स्वरूप “कुष्मांडा.” | Krushmanda Read More
पौराणिक प्रचलित कथा के अनुसार माता दुर्गा ने मां चंद्रघंटा का अवतार तब लिया था जब दैत्य महिषासुर का युद्ध देवताओं से चल रहा था. महिषासुर देवराज इंद्रका सिंहासन हड़पना …
दुर्गा माताका तीसरा स्वरूप ” चंद्रघंटा.”| Chandra Ganta Read More
शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन माता दुर्गा के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा की जाती है. ब्रह्म का अर्थ तपस्या से है. माता माँ का ये रूप अपने भक्तों और सिद्धों …
दुर्गा माताका दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणी.| Brambhchrini Mata Read More
प्रत्येक वर्ष में छह माह के अंतराल पर दो नवरात्रि आती हैं. अश्विन मास में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से आरंभ होने वाली नवरात्रिको शारदीय नवरात्रि कहा जाता है. नवरात्रि …
माता दुर्गा का प्रथम स्वरूप ” शैलपुत्री.”| Shail Putri Read More
प्रिय पाठक परमेश्वर. आज हम आपको ले चलते है, माता वैष्णोदेवी के दर्शन के लिए , जो हिमालय पर्वत की त्रिकुटा पहाड़ियों में विध्यमान है. तो चलो तैयार हो जाओ. …
त्रिकुटा पहाड़ियों पर बसी माँ वैष्णोदेवी Read More
लालबाग के राजा की जानकारी हमें हासिल करना हो तो हमें इसके प्रारंभ की कथा जाननी होंगी. सन 1932 की बात है. मुंबई उस समय बॉम्बे के नाम से प्रचलित …
इच्छापूर्ति मूर्ति ” लालबाग का राजा. “ Read More