हिमालयकी अलौकिक जगह सिद्धाश्रम
अनादिकाल से हिमालय पर्वत को भारतीय संतों की तपोभूमि कहा गया है. प्राचीन समय से ऋषि-मुनि से लेकर आधुनिक काल के अनेक संत योगी हिमालय के विभिन्न क्षेत्रों में कठोर …
हिमालयकी अलौकिक जगह सिद्धाश्रम Read Moreमेरे अनुभव की दुनिया
अनादिकाल से हिमालय पर्वत को भारतीय संतों की तपोभूमि कहा गया है. प्राचीन समय से ऋषि-मुनि से लेकर आधुनिक काल के अनेक संत योगी हिमालय के विभिन्न क्षेत्रों में कठोर …
हिमालयकी अलौकिक जगह सिद्धाश्रम Read More” तुंगनाथ मंदिर ” जिसे भगवान तुंगनाथ महादेव के नाम से भी जाना जाता है. यह 1000 साल से अधिक पुराना है. बताया जाता है कि इस मंदिर की खोज …
दुनिया का सबसे ऊंचा शिव मंदिर. Read Moreज दशहरा का धार्मिक त्यौहार है. दशहरा का त्योहार अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है. इस दिन मां दुर्गा ने महिषासुर का वध किया …
असत्य पर सत्य का विजय पर्व दशहरा. Read More
माता दुर्गाजी की नौवीं शक्ति का नाम सिद्धिदात्री हैं. ये सभी प्रकार की सिद्धियों को देने वाली हैं. नवरात्र-पूजन के नौवें दिन इनकी उपासना की जाती है. इस दिन शास्त्रीय …
दुर्गा माताका नववा स्वरूप सिद्धिदात्री. Read More
नवरात्रि उत्सव का आठवां दिन जिसे अष्टमी कहा जाता है. देवी माता महागौरी को समर्पित है. नाम महागौरी दो शब्दों से बना है एक शब्द है “महा” जिसका अर्थ है …
दुर्गा माताका आठवा स्वरूप महागौरी. Read More
नवरात्रि की नव देवियोंमे देवी दुर्गा का सातवां स्वरूप माता कालरात्रि है. इनका रंग काला होने के कारण ही इन्हें कालरात्रि कहा जाता है. मां कालरात्रि ने असुरों के राजा …
दुर्गा माताका सातवा स्वरूप कालरात्रि. Read More
नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा अर्चना की जाती है. ऐसा कहा जाता है कि इनकी आराधना करने से साधक को अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष चारों फलों …
दुर्गा माताका छठा स्वरूप कात्यायनी. Read More
नवदुर्गा माता माँ का पांचवां स्वरूप स्कंदमाता का है. कार्तिकेय (स्कन्द) की माता होने के कारण इनको स्कन्दमाता कहा जाता है. यह माता चार भुजाधारी कमल के पुष्प पर बैठती …
दुर्गा माताका पांचवा स्वरूप स्कंदमाता. Read More
नवरात्रि त्योहार में नवदुर्गा की नौ रातें मनाई जाती है. माता कुष्मांडा जी की पूजा नवरात्रि त्योहार की चौथी रात मनाई जाती है. यह स्वास्थ्य में सुधार करने वाली तथा …
दुर्गा माताका चौथा स्वरूप “कुष्मांडा.” | Krushmanda Read More
पौराणिक प्रचलित कथा के अनुसार माता दुर्गा ने मां चंद्रघंटा का अवतार तब लिया था जब दैत्य महिषासुर का युद्ध देवताओं से चल रहा था. महिषासुर देवराज इंद्रका सिंहासन हड़पना …
दुर्गा माताका तीसरा स्वरूप ” चंद्रघंटा.”| Chandra Ganta Read More